What is AIDS ? AIDS Details , A I D S Full Form  ,HIV ka full form ,AIDS ka full form

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What is AIDS? AIDS Details. A I D S Full Form , HIV ka full form , AIDS ka full form

हेल्लो,दोस्तों Aaj हम Aids के बारे में bat करेंगे ,जैसे कि 1) – AIDS ka full form kya Hota है? (A I D S Full Form ) 2) – AIDS ka Full form in Hindi – (Hindi meaning of AIDS )  3)- HIV ka full form kya Hota है ? ( HIV full form ) 4) – HIV ka full form in Hindi – ( Hindi meaning of HIV )  5) – AIDS क्या है ? ( What is AIDS ? ) 6) – HIV virus केसे फेलता है ?( How HIV virus infect ? ) 7) – HIV के stage कोनसे कोनसे है ?( Stages of HIV ) 8)-HIV फेलने के कारण कोनसे कोनसे है ? (what is the reasons of HIV infection ?)  9)- AIDS / HIV के लक्षण kya होते है ? ( What is the Symptoms of AIDS ? ) AIDS / HIV से कैसे दूर रहे ? ( What is the Prevention of AIDS/HIV ? ) AIDS कि सबसे पहले पहचान कैसे हुई थी ? (How to first identify AIDS ?).

 

1) – AIDS ka full form kya hota है ?(A I D S Full Form )

A I D S Full Form -यहा AIDS के full form कि बात करे to AIDS को english में और मेडिकल कि भाषा में Acquired Immune Deficiency Syndrome (एक्वायर्ड इम्यून डेफिसिएंसी सिंड्रोम) कहा जाता है.जिसमे हर शब्द का meaning समजे

Acquired – का मतलब है कि आप इनसे संक्रमिंत हो चुके है .

Immune Deficiency – इसका मलतब ये hota है कि यह शरीर कि इम्युनिटी system ( प्रति रक्षा प्रणाली  ) कमजोर हो चुकी है.

Syndrome – यह शरीर में बीमारी के लक्षण के समूह दिखाए देते है.

2) – AIDS ka Full form in hindi – (hindi meaning of AIDS )

hindi full form कि बात करे तो aids बीमारी को hindi में उपार्जित प्रतिरक्षी अपूर्णता सहलक्षण  (english में aids  A I D S Full Form ) कहा जाता है.

3)- HIV ka full form kya hota है ? ( hiv full form )

HIV full form in english के बारे में बात करे तो Human immunodeficiency virus  कहा जाता है.

4) – HIV ka full form in hindi –( hindi meaning of hiv )

HIndi full form of hiv कि बात करे तो हिंदी में उसे  मानवीय प्रतिरक्षी अपूर्णता विषाणु (english में इसे HIV ) कहा जाता है.

5) – AIDS क्या है ? ( What is the AIDS ? A I D S Full Form)

Answer  A I D S Full Form – AIDS एक बीमारी का name है ,जिसमे मनुष्य के शरीर प्रतिरक्षा प्रणाली यानि के उनकी इम्युनिटी system को कमजोर कर देती है,और इस  Human immunodeficiency virus  (एचआईवी) संक्रमण कि वजह से hota है.

इस बीमारी में पहेले इन्फ्लूएंजा जेसी बीमारी के जेसे दीखते है.ये बीमारी होने पे पहेले इससे शरीर में कोई भी लक्षण दिखाई नही देते और कभी कभी to लम्बे समय तक इसके लक्षण नही दीखते है .लेकिन धीरे धीरे शरीर में इसका संक्रमण बढ़ते ही शरीर कमजोर hota जाता है.

शरीर में बढ़ते संक्रमण के चलते जान भी जा सकती है.जिन लोगो में क्षय रोग , ट्यूमर , अस्थमा जेसी बीमारी होती है उनको इस संक्रमण कि वजह से जल्दी ही शरीर कमजोर हो के जान जा सकती है.

 

6) – HIV virus केसे फेलता है ?( How HIV virus infect ? )

यह virus मनुष्य के शरीर कि इम्युनिटी कम कर देता है क्योकि यह HIV virus शरीर में जो प्रति रक्षा cell होते है उनपे असर करते है और उनको कमज़ोर करते है.

HIV virus आपको इतना कमजोर बना देता है कि इसमें आपको कोई भी बीमारी जेसे कि बेक्टेरिया ,virus ,जेसी बिमारिओ में उनके सामने बचने कि शक्ति कम कर देता है.और हमारी शरीर कि प्रीत रक्षा काम होने से टी- cell बीमारी के सामने लड़ नही पाते.

7) – HIV के stage कोनसे कोनसे है ?( Stages of HIV )(a i d s full form )

इस बीमारी को 3 stage में अलग किया गया है.

  • Acute (तीव्र HIV )
  • Chronic (क्रोनिक HIV )
  • Advanced ( AIds संक्रमण )

 

(a) Acute HIV :- यह HIV बीमारी का सबसे पहला चरण है .इसमें बहोत दिनों तक HIV के लक्षण दिखाई नही देते है.इसके लक्षण 2 से 4 हफ्तों में दिखाई देते है इशिलिये जिनको ये हो गया है उनको शुरू शरू में पता नही चलता.

इस stage को प्राथमिक stage या चरण भी कहा जाता है.

प्राथमिक stage में फ्लू जेसी बीमारी के जेसे ही लक्षण पाए जाते है.

(b) Chronic (क्रोनिक HIV ) :-यह HIV बीमारी का दूसरा stage है ,इसमें hiv के syndrome शरीर में टी-cell पे हमला करके प्रति रक्षा कि शक्ति को बहोत कम क्र देते है.और फ्लू जेसी बीमारी के लक्षण गया हo जाते है.

इसके बाद शरीर कमजोर पड़ने लगता है.और दुसरे चरण के लक्षण दिखाई देने में महीनो या साल लग सकता है.

आप बीमार दिखोगे लेकिन आपको अगर ये पता नही के आपको HIV है to आप एसे में दुसरे को भी HIV फेला सकते हो.इसीलिए जाँच के आधार पे doctor से सलाह ले.

(c) Advanced ( AIds संक्रमण ) :- यह HIV का तीसरा और advanced  stage (चरण) है. इस situation  में, आपका टी-सेल कि संख्या 200 से नीचे चला जाता है और आपकी प्रतिरक्षा में भी बहोत भारी कमी हो जाती है

यह भी पढ़े –DNA का Full Form क्या होता है ? – (DNA full form)

8)-HIV फेलने के कारण कोनसे कोनसे है ? (what is the reasons of HIV infection ?)( A I D S Full Form )

HIV  लार, आँसू , खून , वीर्य, ​​योनि द्रव , स्तन के दूध द्वारा और तंत्रिका तंत्र के ऊतकों में पाया जा सकता है . , केवल HIV जो खून , वीर्य(sperm ), ​​योनि द्रव और स्तन के दूध में पाया जाता है, वह दूसरों को बीमारी फैलाने के लिए पाया गया है।

 

AIDS को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में कई सारे  तरीकों से फेलाया जा सकता है.

  • किसी बीमार व्यक्ति के साथ असुरक्षित संभोग करने से
  • ब्लड डोनेशन से द्वारा
  • माँ से एक बच्चे (जन्म के समय) को , यह स्तनपान द्वारा भी फैल सकता है.
  • गहरे किस यानि के चुम्बन करने से भी फेल सकता है.
  • हाइपोडर्मिक सुइयों के उपयोग से भी फेल सकता है.
  • HIV बीमारी वाले व्यक्ति के वीर्य के साथ कृत्रिम गर्भाधान करने से भी फेल सकता है.
  • एक बीमार व्यक्ति को अपने शरीर के पार्ट्स दान करने से भी हो सकता है.

 

9)- AIDS / HIV के लक्षण kya होते है ? ( What is the Symptoms of AIDS ? )

इस बीमारी के शरुआत में लक्षण नही दिखाई देते लेकिन बाद में इसमें निचे दिखाए गये लक्षण दीखते है.

  • तेजी से वजन कम होना
  • बुखार या ज्यादा रात को पसीना
  • गले में खरास होना
  • ज्यादा थकान, मांसपेशियों और जोड़ों का दर्द होना

 

10): – AIDS / HIV से कैसे दूर रहे ? ( What is the Prevention of AIDS/HIV ? )

निचे दिए गये कारन से बचे :-

  • किसी भी संभोग/sex से बचें
  • बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचे .
  • अपने मित्र या साथी के साथ सम्पर्क बनाये रखे.
  • जो व्यक्ति HIV कि दवा लेता हो उस से बचे.
  • अंतःशिरा दवाइयों का उपयोग न करें
  • जो व्यक्ति जिसके खून निकल रहा हो और उसे hiv के बारे में पता न हो to उसके रक्त के संपर्क में आने से बचें.
  • 1-HIV positive व्यक्ति को रक्त, प्लाज्मा, शुक्राणु और शरीर के अंगों का दान नहीं करना चाहिए
  • 2-HIV positive महिलाओं को जो बच्चा जन्मा नहीं है उसको ये बीमारी ना हो इसका ख्याल रखना चाहिए.
  • 3-HIV positive महिलाओं को अपने बच्चे स्तनपान नहीं कराना चाहिए .
  • latex condom (निरोधक) के उपयोग जैसी सुरक्षित sex प्रणाली को अपनाया जाना चाहिए .

 

 11) – AIDS कि सबसे पहले पहचान कैसे हुई थी ? (How to first identify AIDS ?)

1983 में, Peris  में Pasteur Institute में Luc Montagnier’s team ने HIV – 1 की खोज कि थी .उस ज़माने कि तकनीको को use करते हुए  , उन्होंने एक 33 वर्षीय समलैंगिक रोगी से lymph node biopsy से टी cell  को इस AIDS से संक्रमित होते हुए देखा था यानि कि aids ने टी-cell पे हमला करके कमजोर करते देखा था.


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