Hartalika Teej 2021 -Hartalika teej vrat katha,Hartalika teej vrat,hartalika teej puja vidhi

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Hartalika teej 2021
Hartalika teej 2021

1-Hartalika teej 2021 – हरतालिका तीज  व्रत :-       2-Hartalika teej kab hai

Hartalika teej-हरतालिका तीज इस साल 9 सप्टेम्बर को मनाई जाएगी यह त्यौहार मध्य प्रदेश, बिहार ,छत्तीसगढ़ और झारखंड में मुख्य रूप से मनाया जाता है. hartalika teej 2021 इस त्यौहार के दिन महल निर्जला रहकर व्रत करती है यानी कि बिना कुछ खाए पिए व्रत करती है. इस दिन भगवान शिव और पार्वती की मूर्ति बनाकर पूजन किया जाता है इस दिन घर को साफ स्वच्छ रख कर तोड़ या मंडप बनाकर सजाया जाता है पवित्र चौकी के ऊपर शुद्ध मिट्टी से गंगा जल में मिलाकर शिवलिंग रिद्धि सिद्धि सहित गणेश जी पार्वती जी की और उनकी पार्वती पार्वती जी की सहेली की प्रतिमा बनाई जाती है.

Hartalika teej puja vidhi

इस मंडप में कई सारे देवी देवताओं को बिठाया जाता है. जिनको फुलेरा भी कहा जाता है. जब मध्य भारत में फुलेरा में भगवान गणेश जी की ज्यादा पूजा होती है क्योंकि गणेश भगवान की स्थापना होती है स्थापना अगले दिन होती है. स्टैंड से गणपति विराजमान होते हैं और 7 दिन तक की पूजा की जाती है हरतालिका व्रत का पूजन रात्रि पर चलता है. इस दौरान महिलाएं जागरण भी करते हैं और कथा पूजन भी करती है. और किस तन भी करती है इस रात्रि में हर एक प्रहर में भगवान शिव को कई कई प्रकार के वनस्पति जैसे बिल्ली पत्र आम के पत्ते के पत्ते के बढ़ा के जैसे अर्पण किए जाते हैं.

हरतालिका तीज का नाम का अर्थ क्या है – Hartalika teej meaning

हरतालिका दो शब्दों से बना हुआ है. जिसके अंदर हरित और तालिका है अर्थ होता है कि हरण करना और तालिका के  अर्थ होता है सखी या सहेली.

यह त्यौहार कब मनाया जाता है- Hartalika teej katha

ये यह त्यौहार भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है. इसी कारण इसे तीज भी कहते हैं यह वृद्धि को हरतालिका इसलिए कहा जाता है क्योंकि माता पार्वती की सहेली माता पार्वती को उनके पिता के घर से हरण करके जंगल में ले गई थी वह जंगल में माता पार्वती ने भगवान शिव जी को और रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी इसीलिए यह व्रत यानी कि ये त्योहार मनाया जाता है.

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हरतालिका तीज की पूजन सामग्री क्या है? (hartalika teej 2021 puja samgri)

बेलपत्र, केले का पत्ता, शमी पत्र, गीली मिट्टी या बालू रेत, ankav का फूल, धतूरे का फल, जनेऊ ,मंजरी ,वस्त्र सभी प्रकार के फल, सभी प्रकार के फूल, पत्ते आदि, पार्वती के लिए सुहाग सामग्री ,मेहंदी, चूड़ी ,काजल, बिंदी ,कुमकुम ,सिंदूर, कंगी ,माहोर बाजार में उपलब्ध सुहाग ,नारियल, कलश, चंदन, वीर, कपूर, घी, तेल, कुमकुम, दीपक, चीनी, दही, दूध, शहद ,गंगाजल, पंचामृत के लिए बनाया जाता है.

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हरतालिका तीज की पूजा की विधि क्या है ? – hartalika teej puja vidhi

इस पूजन में प्रातः काल और से प्रदोष बेला होती है. पूजन मैं के लिए मिट्टी या बालू से शिव पार्वती की और गणेश जी की मूर्ति बनाई जाती है. फुलेरा बनाकर उसे जाता है. और अंगुली डालकर चौकी रखी जाती है. जो कि पर स्वस्तिक बनाकर थाली के साथ  का पता रखते हैं. उसमें भगवान स्थापित किए जाते हैं. उसके अंदर कलर्स तैयार किया जाता है. पहले कलर्स का पूजन किया जाता है. कलर्स को जल में स्नान कराकर रोली चला जाता है. गणेश जी का पूजन किया जाता है. इसके बाद शिव और पार्वती का पूजन किया जाता है.

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